Thursday, April 18, 2019

Watch breath-taking wedding celebrations and beautiful love stories as FYI TV18 brings “Our Wedding Story” this April

Shahzad Ahmed / New Delhi
A series with unique and surreal journey of a couple’s love story, premiering on Saturday, 20th April 8 PM Every wedding is special and beautiful. And the upcoming series ‘Our Wedding story’ provides a ringside view into heart-warming love stories and their
blossoming into matrimony. The series is premiering on FYI TV18 on Saturday 20th April, 8 PM.Our Wedding Story” is all about experiencing the beautiful weddings of couples who share their candid love stories – from the moment they met to the walk down the aisle. Put together by passionate movie-makes Nick Wilson and Colin Reiser, the viewers will get to witness unique, jaw-dropping celebrations, inspiring stories of these couples who share their journey of how they met the unique elements of their togetherness, and much more.
“For us, it was about finding unique and uplifting stories to tell,” Wilson says, “no matter where they occurred,” including a luxury wedding in Laguna Beach, week-long festivities in Fiji and DIY nuptials in Savannah, Georgia.

Jesus: His Life”: HISTORY TV18 features an all new perspective on the legend


Shahzad Ahmed / New Delhi
The celebrated tale unravels from 19th April, 10PM
India, 19thApril’2019; HISTORY TV18’s Jesus: His Life is an eight-part-event set to premiere this Good Friday, 19thApril, depicts the life of Jesus and His ministry from the perspective of those around Him—including His family members, friends and loyal followers.
Jesus: His Life takes viewers through the emotional and epic story of the most famous man in history, through His birth, death and resurrection, all conveyed through a combination of scripted drama and interviews with prominent religious and historical experts. Utilizing some of the world’s most respected Biblical scholars, historians, faith leaders and theologians, the series weaves together the canonical Gospels, historical sources and cultural context to create a complete portrait of Jesus–the man and the Messiah. Each episode will take viewers on a journey through Jesus’ life starting with his virgin birth and ending with his resurrection. The series reveals [Jesus’] journey through a complex world of kings, politicians, reformers and soldiers in a turbulent power struggle during a time of revolutionary change.
Viewers will see and experience the life of Jesus as never before, through this powerful and thought-provoking portrait of a man who is one of the most influential people in human history

Wednesday, April 17, 2019

फ़िल्म समीक्षा ( कलंक )


शहज़ाद अहमद / नई दिल्ली
कलंक स्टोरी यह उलझी हुई कहानी है देश के बंटवारे के समय की, जहां पति देव (आदित्य रॉय कपूर) के सम्मान और ज़फर (वरुण धवन) के प्यार के बीच खूबसूरत रूप (आलिया भट्ट) के भी टुकड़े हो जाते हैं। हालांकि, एक तरफ जहां उनकी पिछली जिंदगी और दिल टूटने वाली प्रेम कहानी का खुलासा हो रहा होता है उसी बीच दूसरी तरफ भारत के इतिहास में एक अहम मोड़ आता है जहां से पीछे मुड़कर वापस आने की कोई गुंजाइश नहीं है।
जैसा कि नाम से ही साफ है कि 'कलंक' एक ऐसी कहानी है, जो समाज में बुने गए बड़े रस्मों-रिवाज पर सवाल उठाती है। खासकर, जब बात प्यार और परिवार के बंधन की हो। फिल्म की कहानी मुख्य रूप से इसी बात पर फोकस करती है कि किस तरह सच्चा और बेइंतहां प्यार समाज के बनाए नियम, धर्म के बंधन और इंसान द्वारा बनाई गई सीमाओं को नहीं मानता और इन्हें तोड़ देता है।। फिल्म में ड्रमैटिक मोड़ तब आता है जब आदित्य रॉय कपूर यानी देव कहता है कि यदि किसी की पत्नी किसी दूसरे मर्द से प्यार करे तो इस शादी का मतलब ही क्या है। यदि इस पहलू से देखें तो राइटर और डायरेक्टर अभिषेक वर्मन की यह फिल्म एक मजबूत पॉइंट सामने रखती नजर आ रही है।फिल्म की कहानी 1940 के दशक के दौर को दिखाती है। फिल्म की कहानी भारत-पाकिस्तान विभाजन से पहले, लाहौर के नजदीक स्थित हुसैनाबाद पर आधारित है, जहां बड़ी संख्या में लोहार रहते हैं और यहां की जनसंख्या में प्रमुख तौर पर मुस्लिम शामिल हैं। यहां रहने वाला चौधरी परिवार हुसैनाबाद का सबसे समृद्ध और शक्तिशाली परिवार है। इस परिवार में बलराज चौधरी और उनका बेटा देव शामिल है जो डेली न्यूज नाम का अखबार भी चलाता है। देव की जिंदगी में तब अचानक बड़ा बदलाव आ जाता है जब उसे रूप से शादी करनी पड़ती है। एक दिन रूप बहार बेगम से संगीत की शिक्षा लेने जाती है तो उसकी मुलाकात जफर से होती है। कुछ मुलाकातों के बाद दोनों के बीच प्यार पनपने लगता है, जो फिल्म के सभी किरदार की जिंदगी में ट्विस्ट लाता है। वैसे तो कहानी में कुछ बेहद खास नहीं है, लेकिन इसे जिस तरह से पेश किया गया है वह दर्शकों को बांधने में कामयाब नजर आती है। फिल्म का स्क्रीनप्ले कई जगह बोर करता दिखता है, जिससे फिल्म बोझिल होने लगती है। हालांकि ओवरऑल बात की जाए तो फिल्म के डायलॉग से लेकर, किरदारों के बीच की ट्यूनिंग निराश नहीं करती। नफरत और बदले के बीच पनपने वाले प्यार को खूबसूरती से पेश किया गया है।
फिल्म की सबसे बड़ी हाइलाइट इसकी स्टारकास्ट थी, जो फिल्म में अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय करती नजर आई। कहानी में रूप अपनी जिंदगी में आए अलग-अलग मोड़ पर कभी मजबूती तो कभी असहाय होती दिखाई देती है और आलिया ने किरदार के इन रंगों को बखूबी पर्दे पर पेश किया है। वरुण धवन अपनी टोन्ड बॉडी को फ्लॉन्ट करते हुए भी जफर की भावनाओं को परफेक्शन के साथ डिलिवर करने में सफल हुए। इन सबके बीच आदित्य रॉय कपूर ने अपनी ऐक्टिंग से काफी इम्प्रेस किया। उन्होंने भावों से ही किरदार के इमोशन्स को जिस तरह डिसप्ले किया वह काबिले तारीफ है। सोनाक्षी सिन्हा, माधुरी दीक्षित नेने, संजय दत्त और कुणाल खेमू भी ऐक्टिंग के मामले में दर्शकों को इम्प्रेस करने में कामयाब हुए।


निर्देशक.       अभिषेक वर्मन

कलाकार.     वरुण धवन,आलिया भट्ट,सोनाक्षी सिन्हा,आदित्य रॉय कपूर,माधुरी दीक्षित,संजय दत्त,कुणाल खेमू

स्टार   3.0 / 5



Monday, April 15, 2019

कलंक’ के स्टार कास्ट ने दिल्ली में किया फिल्म का प्रचार



शहज़ाद अहमद / नई दल्ली
फॉक्स स्टार स्टूडियो और धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित एवं अभिषेक वर्मन द्वारा निर्देशित फिल्म ‘कलंक’, जो इसी माह यानी 17 अप्रैल को रिलीज होनेवाली है, के स्टार्स- वरुण धवन, आलिया भट्ट, माधुरी दीक्षित, सोनाक्षी सिन्हा और आदित्य रॉय कपूर फिल्म का प्रचार करने के सिलसिले में दिल्ली पहुंचे। यहां के द इंपीरियल होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सभी कलाकारों ने फिल्म एवं इसमें अपने किरदारों के बारे में मीडिया से खुलकर बातें कीं। बता दें कि ‘कलंक’ 1945 के दौर की एक पीरियड ड्रामा फिल्म है, जिसमें वरुण धवन, आलिया भट्ट, माधुरी दीक्षित, संजय दत्त, आदित्य रॉय कपूर और सोनाक्षी सिन्हा मुख्य भूमिकाओं में हैं।
इवेंट में मौजूद माधुरी दीक्षित ने फिल्म में अपने चरित्र बहार बेगम के बारे में बताया, ‘यह किरदार उन पात्रों से बहुत अलग है, जिन्हें मैंने अतीत में निभाया है। बहार बेगम की एक अंतर्मुखी किरदार जरूर है, जैसा कि मैंने इससे पहले ‘डेढ़ इश्कियां’ और अन्य फिल्मों में भी निभाया है, लेकिन यह किरदार कई अन्य मामलों में उससे कहीं ज्यादा अलग है।’
आलिया ने फिल्म में अपनी भूमिका के बारे में बताया, ‘इस फिल्म में मेरे किरदार की यात्रा में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे।’ उन्होंने माधुरी दीक्षित, जिन्होंने गीत ‘घर मोरे परदेसिया’ की शूटिंग के दौरान आलिया की मदद की थी, के बारे में कहा, ‘माधुरी मैम ने मुझे बताया था कि अगली बार जब मैं इस तरह का कोई गाना शूट करूंगी, तो बस तीन दिन पहले उनके पास जाने पर वह मुझे खास ट्रिक्स देंगी और मुझे व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षित करेंगी।’वहीं, वरुण ने फिल्म के शीर्षक के बारे में बताया, ‘फिल्म का टाइटल पूरी तरह से काल्पनिक है, जो प्यार का वर्णन कतई नहीं करता है। लेकिन, इसके बावजूद इस फिल्म के जरिये हम आपका मनोरंजन करने के लिए संकल्पित हैं। वास्तविकता के साथ फिल्म को न जोड़ें, क्योंकि ऐसा करने पर यह एक प्रश्न हो सकता है या फिर एक प्रश्न चिह्न।’आदित्य राय कपूर ने कहा, ‘‘कलंक’ के अलावा भी मैं जल्द ही कई अन्य फिल्मों में दिखाई दूंगा। मैंने हाल ही में एक फिल्म की शूटिंग कंप्लीट की है।’ ‘कलंक’ के लिए की गई तैयारी के बारे में उन्होंने कहा, ‘मैंने 40 के दशक से जुड़ी किताबें पढ़ीं और अपने किरदार के करीब पहुंचने के लिए रिसर्च भी किया।’सोनाक्षी ने फिल्म में अपनी भूमिका के बारे में बताया, ‘मैं फिल्म में सत्या की भूमिका निभा रही हूं, जो फिल्म में दिखाई गई तीनों अन्य महिलाओं की तरह मजबूत किरदार के रूप में सामने आएगा। सभी किरदारों की अपनी यात्राएं हैं और जैसे-जैसे कहानी आगे बढे़गी, आप निश्चित रूप से उन किरदारों की यात्रा का आनंद लेंगे।’

Friday, April 12, 2019

Evolution of the Indian Travel Industry



Shahzad Ahmed / New Delhi
India, which has the second fastest growing economy in the world after China in terms of GDP, has become a popular business market for online tourism and travel. The country also having the third largest number of internet users after China and U.S, has started using online booking of travel plans more frequently due to its convenience. The e-travel industry contributes to a majority of 88% growth of the Indian e-commerce industry.
Until about two decades ago, a typical Indian traveller would primarily visit pilgrimage destinations, and the only sources for travel planning were references from friends and family, travel magazines and travel agents. That has changed significantly now with a sharp rise in the growth of tourists.From 1997 to 2016, the number of domestic tourist visits grew by 10 times — from close to 160 million to 1,614 million, as per Market Research and Statistics by Ministry of Tourism. The statistics further reveal that foreign tourist arrivals also grew 5.5 million in 1997 to nearly 25 million in 2016. The one big change that has happened is that a majority of travel planning and booking now takes place online.The primary market drivers are the increased spending power of the people, growing internet and credit card penetration, governmental initiative to spread tourism, emergence of new online segments and the much anticipated growth in civil aviation market. The major short term restraints in the upcoming trends are the low operating margins and the non-reliability of offline partners. Other factors that require attention are the limited penetration of the service to the urban areas, payment processing issues, cultural barriers and lack of customer willingness, poor industry practices and insufficient tech infrastructure.
 The Online Travel Market is estimated to garner $1,091 billion by 2022, registering a CAGR of 11.1% during the forecast period 2016-2022. Online travel providers aim to ease travel planning and bookings for travelers. The online travel market is driven by quick and convenient flight and hotel bookings, rise in customers’ trust in online payment, and ability to compare various available travel options. Nowadays, market players are extensively offering travel services through mobile websites and apps, as it is one of the most preferred mediums of travel bookings, particularly among the young professionals
 RoomsXpert is a B2B travel website that enables users to book hotels in 87500+ cities in 190+ countries across the globe. RoomsXpert serve the role of an aggregator that delivers a straightforward and effortless hotel reservation system. The platform is a hotel booking online portal for corporates, in its endeavour to present the most cost-efficient options, brings countless 'value-for-money' properties to the fore that may remain undiscovered otherwise.
Online travel portals successfully provide a 360 degree virtual tour apart from audio tours, photographs, video reviews and video blogs either put by regular travelers or by the travel agency itself. The pressures of day to day life coupled with the ease of access and booking through online tourism portals have given rise to more spontaneous travels.

कतर का राष्ट्रीय संग्रहालय 28 मार्च 2019 को सार्वजनिक रूप से खुला


शहज़ाद अहमद / नई दिल्ली
महामहिम शेख तमीम बिन हमद बिन खलीफा अल थानी के संरक्षण में कतर म्यूजियम्स 28 मार्च 2019 को नेशनल म्यूजियम ऑफ कतर (एनएमओक्यू) को लोगों के लिये खोला गया और जीन नौवेल के नये आर्किटेक्चरल मास्टरपीस में बसे बेजोड़ अनुभव के लिये विश्व का स्वागत किया गया।
संग्रहालय की घुमावदार, 1.5 किलोमीटर लंबी गैलरी का मार्ग अद्वितीय, मनमोहक वातावरण की एक श्रृंखला के माध्यम से एक यात्रा है, जो कतर की कहानी के अपने हिस्से को वास्तुशिल्प, संगीत, कविता, मौखिक इतिहास, उत्तेजक सुगंधों, पुरातात्विक और विरासत की वस्तुओं, कमीशन कलाकृतियों, स्मारकीय पैमाने वाली कला फिल्मों, आदि के एक विशेष संयोजन के माध्यम से बताती है। कुल मिलाकर, 11 स्थायी गैलरी आगंतुकों को लाखों साल पहले के क़तर प्रायद्वीप के निर्माण से लेकर देश के रोमांचक और विविध वर्तमान तक ले जाती हैं। राष्ट्र की समृद्ध विरासत और संस्कृति को आवाज देते हुए और अपने लोगों की आकांक्षाओं को व्यक्त करते हुए, एनएमओक्यू खोज, रचनात्मकता और सामुदायिक सहभागिता के लिए एक केंद्र के रूप में काम करेगा, जो कतर के लिए विविध शैक्षिक अवसर प्रदान करेगा और वैश्विक मंच पर देश की सांस्कृतिक दृष्टि को आगे बढ़ाएगा।
आधुनिक कतर के संस्थापक के बेटे शेख अब्दुल्ला बिन जसीम अल थानी (1880-1957) के ऐतिहासिक महल के केंद्र के रूप में शानदार 52,000 वर्ग मीटर (560,000 वर्ग फुट) का एनएमओक्यू है। एक इमारत जो पूर्व में शाही परिवार और सरकार का घर थी और बाद में ओरिजनल राष्ट्रीय संग्रहालय की साइट थी, ऐतिहासिक पैलेस अब गैलरी के अनुभवों के व्यापक उत्तराधिकार में निष्पादित किया गया है।कतर म्यूजियम की चेयरपर्सन महामहिम शेखा अल मायासा बिन्त हमद बिन खलीफा अल थानी ने कहा, "कतर के राष्ट्रीय संग्रहालय का खुलना हमारे देश के लिए बहुत गर्व की बात है, और दुनिया भर के लोगों के साथ जुड़ने के लिए यह एक असाधारण क्षण है। उद्घाटन गतिविधियों की असाधारण अनुसूची उत्कृष्ट कलाकारों, वास्तुकारों, विचारकों और कतर के सांस्कृतिक नेताओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक साथ खींचती है, जो यह दर्शाता है कि कतर का राष्ट्रीय संग्रहालय हमेशा अपने कार्यक्रमों के साथ-साथ इसकी प्रदर्शनियों में एक गतिशील संसाधन कैसे होगा। संस्कृति लोगों को जोड़ती है और इस नए संग्रहालय के साथ हमारा मानना है कि हमने वार्ता के लिए एक असाधारण मंच बनाया है।”
नेशनल म्यूजियम ऑफ कतर की निदेशक शेखा आमना बिन अब्दुलअजीज बिन जसीम अल थानी ने कहा, "योजना के एक दशक से अधिक समय के बाद हम कतर के लोगों और हमारे अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों का इस रोमांचक, बहुस्तरीय, आनुभविक संग्रहालय के लिए स्वागत करते हैं। शुरू से ही, कतर म्यूजियम और नेशनल म्यूजियम की टीम जानती थी कि हम अपने लोगों के लिए एक जीवित अनुभव चाहते हैं-एक ऐसा म्यूजियम जो दिल से पेश किया हो। हमने अपनी जनता को पूरी तरह से अपनी इंद्रियों और भावनाओं के साथ-साथ उनकी बुद्धि से जोड़ने के लिए आंदोलन, ध्वनि, और रंग से भरपूर गैलरियों का निर्माण किया है और रचनात्मक और प्रामाणिक सामग्री इकट्ठी की है, जो इतनी समृद्ध है कि लोग प्रत्येक के साथ कुछ नया खोजेंगे । अब खोज के शुरू होने का समय है।"इन अनुभवों को संभव बनाने वाली इमारत को डिजाइन करने में, जीन नौवेल ने रेगिस्तान के गुलाब से प्रेरणा प्राप्त की, एक फूल जैसी संरचना, जो खाड़ी क्षेत्र में स्वाभाविक रूप से होती है, जब खनिज उथले नमक के बेसिन की सतह के नीचे उखड़ी मिट्टी में क्रिस्टलीकृत होते हैं। नौवेल द्वारा "प्रकृति द्वारा निर्मित पहली वास्तुकला संरचना" के रूप में वर्णित, रेगिस्तान का गुलाब संग्रहालय के विभिन्न व्‍यास और वक्रता के बड़े इंटरलॉकिंग डिस्क की जटिल संरचना के लिए मॉडल बन गया - कुछ ऊर्ध्वाधर हैं, जो सपोर्ट दे रहे हैं, अन्य क्षैतिज जो दूसरी डिस्क पर हैं- जो एक हार की तरह ऐतिहासिक महल को घेरे हुए है। एक सेंट्रल कोर्ट, बरहा, गैलरियों के रिंग के भीतर बैठता है और बाहरी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक सभा स्थल के रूप में कार्य करता है। बाहर की ओर, संग्रहालय का रेत के रंग का कंक्रीट रेगिस्तानी वातावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करता है, ताकि इमारत जमीन से बाहर उभरी दिखे और उसके साथ एक हो। अंदर, इंटरलॉकिंग डिस्क की संरचना जारी है, जो अनियमित आकार के संस्करणों की एक असाधारण विविधता पैदा करती है।
जीन नौवेल ने कहा, "डिजाइन के लिए एक रेगिस्तान के रूप में कल्पना करना एक बहुत ही उन्नत विचार था, यहां तक ​​कि एक यूटोपियन भी। घुमावदार डिस्क, चौराहों और कोणों के साथ एक इमारत का निर्माण करने के लिए - एक रेगिस्तानी गुलाब द्वारा बनाई गई आकृतियाँ - हमें भारी तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। यह भवन कतर की ही तरह प्रौद्योगिकी में अत्याधुनिक है। नतीजतन, यह एक संपूर्ण वस्तु है: एक अनुभव जो वास्तुशिल्पीय, स्थानिक और संवेदी है, उसके अंदर रिक्त स्थान हैं, जो कहीं और नहीं मिलेंगे।"ब्रैकट डिस्क, जो प्राकृतिक छाया प्रदान करते हैं, डिजाइन के उन तत्वों में से हैं जिन्होंने एनएमओक्यू एलईईडी को एलईईडी गोल्ड प्रमाणन और ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी एसेसमेंट सिस्टम से चार-सितारा सस्‍टेनेबिलिटी रेटिंग प्राप्त करने वाला पहला संग्रहालय बनने में सक्षम बनाया है।

Monday, April 8, 2019

टीजेऐपीऐस केबीएसके द्वारा आयोजित कार्यक्रम का जोरदार समापन अजिविका के नए स्रोत लाना मिशन है सौमेन कोले


शहज़ाद अहमद / नई दिल्ली
 लुप्त होती संस्कृति को बढावा देना व अजिविका के रुप में आगे लाना मिशन बन चुका हैं । टीजेऐपीऐस कृषि बिकाश केन्द्र के सचिव सौमेन कोले ने आज नई दिल्ली में मीडिया से हुई बातचीत में बताया कि गरीब व
ग्रामीण समाज के लोगों के लिए दो वक्त की रोटी कमानाआज भी  चुनौती से कम नही है फिर चाहे राज्य कोई भी क्यो  ना हो । संस्था पिछले 37 सालों से वेस्ट बंगाल के साथ साथ देश के अन्य राज्यों व राजधानी के औसत इलाकों में भी सक्रिय हैं।
सचिव सौमेन कोले ने बताया कि हालहि में  पुरुलिया ने अपना 18 वां "पलाश पर्व" मनाया है, जो देऑल घाटा, अरशा ब्लॉक, पुरुलिया में कंशाबोटी के तट पर है। तपसिल जाति आदिवासी प्रकटन सैनिक कृषि बिकास शिल्प केंद्र,पुरुलिया जिला, पर्यटन विकास सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा  आयोजन किया
गया था। भारी संख्या में राज्य भर से कई लोग इकट्ठा हुए। आदिबासी लोक नृत्य और शास्त्रीय नृत्य डोल उत्सव को अधिक से अधिक सुशोभित करने के लिए आदिवासी, सांस्कृतिक और शास्त्रीय श्रद्धांजलि का एक मिश्रण बन गया था।साथ ही साथ आयोजन वसंत के दौरान पुरुलिया पलाश का मालिक बन जाता है।इसलिए इस क्षेत्र की सुंदर सुंदरता हर जगह खिलने के कारण प्रशंसा के योग्य बन जाती है। एक अविकसित क्षेत्र होने के बावजूद, किसी भी होटल या रिसॉर्ट के बिना यह स्थान चारों ओर के लोगों के लिए रुचि का स्रोत प्रतीत होता है। लोग बड़े पैमाने पर निकट और दूर से आते हैं और वे जीवित रहने का प्रबंधन  टेंट में करते हैं केवल अपने भव्य समारोह का हिस्सा बनने के लिए। यह त्योहार श्री बिस्वानाथ दासगुप्ता की गहरी रुचि का परिणाम है जो इस पूरे कार्यक्रम में अपने सभी अनुभवों को लागू करने की कोशिश करते हैं।वह इस समारोह का आयोजन रोनाल्डो हनी कश्यप, पवन कुमार और तनुश्री मुखर्जी के सहयोग से करते  है जो आसपास के मंदिरों की देखभाल करते हैं। लेकिन इस साल "पलाश परबन" त्योहार, श्री सौमेन कोले (सचिव) “तपसील जाति आदिबासी प्रकटन सैनिक बिकास शिल्पा केंद्र” के आगमन के साथ और अधिक प्रतिष्ठित हो गया था। श्रीमान कोले ने अपनी अथक मदद की पेशकश की और इस समारोह को एक भव्य उत्सव बना दिया। इसके अलावा वे सभी 6500 स्वयंसेवक जो “तपसील जाति आदिबासी प्रकटन सैनिक बिकास शिल्पा केंद्र” की ओर से पश्चिम बंगाल के 204 ब्लॉकों में सहजता से काम कर रहे हैं, इस उत्सव में दिल से शामिल हुए। पुरुलिया को 8 वीं -9 वीं शताब्दी के पुरातत्व संसाधनों से समृद्ध होने का उल्लेख किया गया है। इसलिए यह जिला बंगल का गौरव है। इस शुभ क्षण पर पुरुलिया को विशेष रूप से अपनी शानदार ऐतिहासिक स्थिति के साथ उजागर किया गया है। सम्मानित व्यक्तियों जैसे - श्री उत्पल पॉल, पुटुला जिला सूचना और सांस्कृतिक अधिकारी (डिको), श्री आशीष बनर्जी, पुरुलिया जिला कृषि निदेशक (प्रशासन), श्री सुबीर दत्ता जिला कोचबार के सहकारी सेवाओं (DRCS) के रजिस्ट्रार, दिनेश मंडल, ए.डी.एम. (जेड . पी.) पुरुलिया, प्रथा पॉल,आई सी वहां पर मौजूद थे और आयोजकों की पूरी तरह से सराहना की। समारोह का उद्घाटन “तपसील जाति आदिबासी प्रकटन सैनिक बिकास शिल्पा केंद्र” के  सचिव श्री सौमेन कोले और माननीय एम.एल.ए. क्षेत्र के श्री शक्तिपद महतो ने दीप प्रज्वलन कर के किया। श्री कोली ने बड़े पैमाने पर परिजनों के साथ बातचीत की। उन्होंने पुरुलिया में अपने खुशी के अनुभव को व्यक्त किया और स्थानीय लोगों से उन्हें मिले प्यार और सम्मान के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुरुलिया के लोगों को बहुत जल्द प्रगति के स्तर को प्राप्त करने में मदद करने का वादा किया। उन्होंने आगे बताया कि पुरुलिया जिले के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगतिशील अभियान शुरू करने के लिए “तपसील जाति आदिबासी प्रकटन सैनिक बिकास शिल्पा केंद्र” द्वारा कुछ सहायक काउंटर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह संगठन गरीब लोगों और ग्रामीण महिलाओं की वंचित आर्थिक स्थिति को पोषण देने के लिए जयपुर, मनबाजार, रघुनाथपुर में उत्कर्ष केंद्र बनाने की योजना बना रहा है। पुरुलिया जिले के लिए लाख संस्कृति की योजना को अपनाया गया है। यह उम्मीद की जाती है कि बड़ी मात्रा में लैक कल्चर पुरुलिया की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को विकसित करेगा। यह आजीविका की प्रगति के लिए उद्यमी डेवलपर्स को आकर्षित करेगा। हालांकि ब्रिटिश काल से पुरुलिया के लिए लेक कल्चर शुरू किया गया था,लेकिन यह आज तक ऐसा फलदायी परिणाम नहीं दे सका। “तपसील जाति आदिबासी प्रकटन सैनिक बिकास शिल्पा केंद्र” ऐसी स्थिति में लाख संस्कृति कीस्थिति को आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है कि पुरुलिया को अब अविकसित
जिला नहीं माना जाएगा।

पुरानी कार खरीदने से पहले इन बातों का रखे ख्यालमिलेगी बेहतर डील

भारत में पिछले कुछ सालों में नई कार खरीदने में गिरावट दर्ज गई है, जबकि पुरानी कार खरीदने का चलन बढ़ा है। पुरानी कार खरीदारी के लिए अब आसा...